{"product_id":"shiv-samhita-yogshastra","title":"Shiv Samhita Yogshastra","description":"\u003cp\u003eShiv Samhita Yogshastra ( शिव संहिता योग शास्त्रम )\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eप्रकाशक - चौखम्बा संस्कृत प्रतिष्ठान दिल्ली ( Chaukhamba Sanskrit Pratisthan )\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eराघवेन्द्र शर्मा राघव\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eभूमिका\u003cbr\u003eयोग भारतीय दर्शन का सर्वाधिक महत्वपूर्ण विषय है । प्राकृतिक चिकित्सा विज्ञान में शीघ्रातिशीघ्र योग के माध्यम से स्वास्थ्य और आरोग्य लाभ पाना तथा शरीर, तन एवं मनं को स्वस्थ, सुखी और नीरोगी बनाना\u003cbr\u003eयोग द्वारा ही सम्भव हुआ है । यहाँ तक कि हृदय, कैंसर, टी.वी. और मधुमेह जैसे चार भयंकर रोगों को समूल नष्ट करने की सामर्थ्य योग में है — ऐसा भारतीय चिकित्सा वैज्ञानिकों की योग के संदर्भ में नई धारणा का पता\u003cbr\u003eचल रहा है। मुझे स्वयं एक नर्सिंग होम में वरिष्ठ डाक्टर को स्वयं को दिखाने पर पता चला कि जो डाक्टर ऐलोपैथी का उपचार करते हैं, वे स्वयं योग का, व्यायाम का, प्राणायामादि का अपने जीवन में दैनिक नियम पालन करते हैं । स्वयं उन्होंने मुझे बताया कि ऐलोपैथी में किसी भी रोग का समूल उपचार नहीं है । उन्होंने ही यह भी बताया कि आप प्राकृतिक तरीके अपनायें तो स्वस्थ रह सकते हैं। आज पश्चिम चिकित्सा जगत भी योग क्रियाओं के वैज्ञानिक प्रयोगों से आश्चर्यचकित है । योग दर्शन के ग्रन्थों में वर्णित यम, नियम, आसन, प्राणायाम आदि उपायों से व्यक्ति को अवश्य ही शारीरिक, मानसिक और प्राणिक ऊर्जा प्राप्त होती है । इन योगाङ्गों को नियम से जीवन में अपनाने पर कभी अस्वास्थ्यकर स्थिति से दो चार होने की आवश्यकता ही नहीं होगी ।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयौगिक चिकित्सा पर अनुसन्धान ही नहीं, इन अनुसन्धानों के बल पर अनेक योग प्रतिष्ठानों में लम्बे समय से लोगों को स्वस्थ जीवन के उपाय सुझाये जा रहे हैं। लोग पहले से अधिक योग केन्द्रों और आश्रमों-संस्थानों\u003cbr\u003eके शिक्षण प्रशिक्षणों में अधिकाधिक भाग ले रहे हैं। आधुनिक अति महँगे से ऊबकर जनसामान्य प्रताड़ित सा होकर चिकित्सा जगत् की लूटमार भारतीय योग संस्थानों में अपनी सुख शान्ति को खोज रहा है और वास्तव\u003cbr\u003eमें यह शान्ति उसे मिल रही है। इसे देखकर योग के महत्व और उसकी अनिवार्यता भारत ही नहीं, विदेशी विश्वविद्यालयों, संस्थानों तक में समझी जा रही है। वहाँ योग को अनिवार्य विषय बनाकर पढ़ाया सिखाया जा रहा है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e \u003c\/p\u003e","brand":"Chaukhamba Sanskrit Pratishthan","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":52375685038369,"sku":null,"price":160.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0676\/2119\/1969\/files\/ShivSamhitaYogShastram.jpg?v=1771656632","url":"https:\/\/www.asthabooks.com\/products\/shiv-samhita-yogshastra","provider":"Astha Prakashan Mandir","version":"1.0","type":"link"}